इंडिगो की दिल्ली से गोवा जा रही फ्लाइट की मुंबई में आपात लैंडिंग, कई उड़ानों में तकनीकी खामियां सामने आईं

तकनीकी खामी के कारण इंडिगो की फ्लाइट को मुंबई में आपात लैंडिंग करनी पड़ी।
इंडिगो की दिल्ली से गोवा जा रही फ्लाइट की मुंबई में आपात लैंडिंग, कई उड़ानों में तकनीकी खामियां सामने आईं
मुंबई, 16 जुलाई 2025 — बुधवार रात इंडिगो की एक फ्लाइट को उस समय आपात स्थिति में मुंबई एयरपोर्ट पर उतारना पड़ा, जब उड़ान के दौरान एक इंजन ने काम करना बंद कर दिया। यह फ्लाइट दिल्ली से गोवा जा रही थी और फ्लाइट नंबर 6E-6271 था। विमान एयरबस A320neo था। तकनीकी खराबी का पता चलते ही इसे मुंबई डायवर्ट किया गया, जहां रात करीब 9:52 बजे इसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
इंडिगो ने अपने बयान में बताया कि उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी की पहचान होते ही सभी तय प्रोटोकॉल का पालन किया गया। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई और वैकल्पिक विमान की व्यवस्था करके उन्हें आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया। खराब विमान की तकनीकी जांच की जा रही है।
वहीं, एक और मामला मंगलवार रात पटना एयरपोर्ट से सामने आया। दिल्ली से पटना आ रही फ्लाइट 6E-2482 ने रनवे पर उतरने के तुरंत बाद दोबारा उड़ान भर ली। पायलट को यह आशंका हुई कि रनवे की लंबाई पर्याप्त नहीं है, जिससे विमान की सुरक्षित ब्रेकिंग संभव नहीं होगी। इसके बाद विमान ने हवा में एक चक्कर लगाया और बाद में सुरक्षित लैंडिंग की।
इसी सप्ताह की शुरुआत में इंदौर से रायपुर जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट भी तकनीकी खामी के कारण उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही इंदौर लौट आई। इस विमान में 51 यात्री सवार थे। सभी सुरक्षित हैं, लेकिन लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने यात्रियों में चिंता पैदा कर दी है।
केवल इंडिगो ही नहीं, बल्कि अन्य एयरलाइंस भी हाल के दिनों में तकनीकी परेशानियों से जूझ रही हैं। बुधवार सुबह एयर इंडिया एक्सप्रेस की मुंबई से दुबई जाने वाली उड़ान को रद्द करना पड़ा क्योंकि लखनऊ एयरपोर्ट पर उस विमान में तकनीकी खराबी आ गई थी।
उधर, मुंबई से दुबई जाने वाली एमिरेट्स की एक फ्लाइट में भी तकनीकी गड़बड़ी आई, जिससे उड़ान लगभग तीन घंटे देरी से रवाना हुई। यात्रियों को दोबारा सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा, जिससे असुविधा और बढ़ गई।
इन सब घटनाओं ने देश के विमानन सेक्टर की सुरक्षा और मेंटेनेंस को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंडिगो, जो देश के घरेलू बाजार में करीब 64 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है और हाल ही में अफ्रीका, यूरोप और मध्य एशिया के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार कर रही है, उस पर अब निगरानी और जांच बढ़ने की संभावना है।
फिलहाल राहत की बात यह है कि सभी घटनाओं में यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन यह ज़रूरी है कि एयरलाइंस अब ऑपरेशनल सेफ्टी और तकनीकी निरीक्षण को और भी गंभीरता से लें।